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केजरीवाल पर फूटेगा चुनाव का ठीकरा?
धीरज कनोजिया, अमर उजाला/दिल्ली
Updated Wed, 11 Dec 2013 11:07 AM IST
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अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को दिल्ली में समर्थन देने के संकेत कांग्रेस लगातार दे रही है, जबकि केजरीवाल भी इसे लगातार ठुकरा रहे हैं।
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कांग्रेस के गलियारों में सवाल खड़ा हो रहा है कि पार्टी लगातार ऐसा कर अपनी फजीहत क्यों करवा रही है। मगर माना जा रहा है कि पार्टी का इस कदम के पीछे भी एक बड़ी रणनीति है। कहा जा रहा है कि पार्टी केजरीवाल पर दिल्ली में दुबारा चुनाव करावाने का ठीकरा फोड़ने की कोशिश में है।
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पार्टी दिखाना चाहती है कि उसने आम आदमी पार्टी को बाहर से समर्थन देने की बात भी कही थी। मगर केजरीवाल दिल्ली को दुबारा चुनाव में धकेलने को लेकर उतारू थे।
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अब जब दिल्ली में दुबारा चुनाव होना तय माना जा रहा है तो ऐसे में कांग्रेस भी मैदान में उतरने के लिए कमर कस रही है।
करारी हार मिलने के बाद पार्टी के नेता और कार्यकर्त्ता पस्त है। मगर गिर कर उठने की बात को लागू करते हुए पार्टी ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को दिल्ली के प्रभारी महासचिव शकील अहमद ने कहा कि दिल्ली में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का विचार है कि हमें आप को सरकार बनाने के लिए बाहर से समर्थन देना चाहिए। उनका मानना है कि हमें बाहर से समर्थन देना चाहिए।
लेकिन हम राज्य के अपने विधायकों से बात कर रहे हैं। उनकी राय बहुत महत्वपूर्ण है। एक बार हमें उनकी राय पता चल जाए तो फिर हम पार्टी हाईकमान को इससे अवगत कराएंगे।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी अंदरखाने आप को समर्थन देने के पक्ष में है। इससे आप की दूध की धुली छवि भी धूमिल होने की भी रणनीति है।
वहीं केजरीवाल के इनकार को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि उनके इनकार को आधार बनाकर पार्टी अगले चुनाव में कह सकती है कि केजरीवाल ने ही दिल्ली पर दुबार चुनाव का बोझ डाला। वे ही महंगाई के लिए जिम्मेदार है।